एर् आर् इळम् किळिये! ऎङ्कळ् पॆरुन्तुऱैक् कोऩ्
चीर् आर् तिरु नामम् तेर्न्तु उरैयाय् आरूरऩ्,
चॆम् पॆरुमाऩ्,' वॆळ् मलराऩ्, पाल् कटलाऩ्, चॆप्पुव पोल्,
ऎम् पॆरुमाऩ्, तेवर् पिराऩ्,' ऎऩ्ऱु.
|
1
|
O lovely young parrot, Thirumal on the milky ocean and Brahma on a white lotus praise the king of Thirupperundurai and say “He is our lord and the lord of the gods,” and like them you praise him and repeat the wonderful divine names of the lord of the gods | |
एतम् इला इऩ् चॊल् मरकतमे! एऴ् पॊऴिऱ्कुम्
नातऩ्, नमै आळुटैयाऩ्, नाटु उरैयाय् कातलर्क्कु
अऩ्पु आण्टु, मीळा अरुळ् पुरिवाऩ् नाटु, ऎऩ्ऱुम्,
तॆऩ् पाण्टि नाटे, तॆळि.
|
2
|
O parrot green as an emerald, your words are faultless and sweet. Tell us the name of the country of the lord of the seven worlds who rules us and gives his grace to his loving devotees so they will not be born again. You should know always that his country is the southern Pandya land | |
तातु आटु पूञ्चोलैत् तत्ताय्! नमै आळुम्
मातु आटुम् पाकत्तऩ् वाऴ् पति ऎऩ्? कोताट्टिप्
पत्तर् ऎल्लाम् पार्मेल्, चिवपुरम्पोल्, कॊण्टाटुम्
उत्तरकोचमङ्कै ऊर्.
|
3
|
O parrot living in groves where flowers shed pollen, he shares half his body with Uma his beloved and he rules us. Say that the place where the lord stays is Utharakosamangai that is praised by all the devotees on the earth as Shivapuram | |
चॆय्य वाय्प् पैम् चिऱकिऩ् चॆल्वी! नम् चिन्तै चेर्
ऐयऩ्, पॆरुन्तुऱैयाऩ्, आऱु उरैयाय् तैयलाय्!
वाऩ् वन्त चिन्तै मलम् कऴुव वन्तु, इऴियुम्
आऩन्तम् काण्, उटैयाऩ् आऱु.
|
4
|
O dear parrot with a red beak and green wings, tell how our father, the god of Thirupperundurai shows his compassion to us. His grace is a flood that comes from the sky and removes what is wrong in our minds | |
किञ्चुक वाय् अम् चुकमे! केटु इल् पॆरुन्तुऱैक् कोऩ्
मञ्चु मरुवु मलै पकराय् नॆञ्चत्तु
इरुळ् अकल वाळ् वीचि, इऩ्पु अमरुम् मुत्ति
अरुळुम् मलै ऎऩ्पतु काण्, आय्न्तु.
|
5
|
O parrot, with a beak as beautiful as a murungai flower, tell me the name of the mountain covered with clouds where the faultless king of Thirupperundurai stays. You should know that it is the mountain that removes the darkness in devotees’ hearts and brightens them and gives the grace that is the joy of moksha | |
| Go to top |
इप् पाटे वन्तु, इयम्पु; कूटु पुकल् ऎऩ्? किळिये!
ऒप्पु आटाच् चीर् उटैयाऩ् ऊर्वतु ऎऩ्ऩे? ऎप्पोतुम्
तेऩ् पुरैयुम् चिन्तैयर् आय्, तॆय्वप् पॆण् एत्तु इचैप्प,
वाऩ् पुरवि ऊरुम्, मकिऴ्न्तु.
|
6
|
O dear parrot, do not hide in your nest. Come outside, and if someone says to you, “On what does the incomparable lord ride?” tell them, “He rides joyfully through the sky on his horse which is the Vedas while Apsarasas with hearts sweet as honey sing his praise.” | |
कोल् तेऩ् मॊऴिक् किळ्ळाय्! कोतु इल् पॆरुन्तुऱैक् कोऩ्,
माऱ्ऱारै वॆल्लुम् पटै पकराय् एऱ्ऱार्
अऴुक्कु अटैया नॆञ्चु उरुक, मुम् मलङ्कळ् पायुम्
कऴुक्कटै काण्, कैक्कॊळ् पटै.
|
7
|
O parrot with words like honey dripping from the branches of fruit trees, say that the weapon the faultless god of Perundurai uses to defeat his enemies is the trident that he carries to cut away all the three faults from the hearts of his devotees that melt in devotion for him | |
इऩ् पाल् मॊऴिक् किळ्ळाय्! ऎङ्कळ् पॆरुन्तुऱैक् कोऩ्
मुऩ्पाल् मुऴङ्कुम् मुरचु इयम्पाय् अऩ्पाल्,
पिऱविप् पकै कलङ्क, पेरिऩ्पत्तु ओङ्कुम्,
परु मिक्क नातप् पऱै.
|
8
|
O parrot with words as sweet as milk, say that the loud drum of the god of Thirupperundurai sounds so his devotees’ future births will be destroyed and much happiness will come to them | |
आय मॊऴिक् किळ्ळाय्! अळ्ळूऱुम् अऩ्पर्पाल्
मेय पॆरुन्तुऱैयाऩ् मॆय्त् तार् ऎऩ्? तीय विऩै
नाळुम् अणुकावण्णम् नायेऩै आळुटैयाऩ्,
ताळि अऱुकु आम्, उवन्त तार्.
|
9
|
O parrot of clever words, say that the real garland of the god of Thirupperundurai, the giver of grace to his devotees, is the arugam garland of the lord. He rules me and gives me his grace so that bad karma will never come to me | |
चोलैप् पचुम् किळिये! तू नीर्प् पॆरुन्तुऱैक् कोऩ्
कोलम् पॊलियुम् कॊटि कूऱाय् चालवुम्
एतिलार् तुण् ऎऩ्ऩ, मेल् विळङ्कि, एर् काट्टुम्
कोतु इला एऱु आम्, कॊटि.
|
10
|
O green parrot living in a flower garden, if anyone asks you to tell of the beautiful banner of the god of Thirupperundurai surrounded with pure water, tell them it is the faultless bull banner that flies high from the columns of the palaces of his enemies | |
| Go to top |
Other song(s) from this location: कोयिल् (चितम्परम्)
1.080
तिरुञाऩचम्पन्त चुवामिकळ्
तिरुक्कटैक्काप्पु
कऱ्ऱाङ्कु ऎरि ओम्पि, कलियै
Tune - कुऱिञ्चि
(कोयिल् (चितम्परम्) तिरुमूलत्ताऩनायकर् (ऎ) चपानातर् चिवकामियम्मै)
|
3.001
तिरुञाऩचम्पन्त चुवामिकळ्
तिरुक्कटैक्काप्पु
आटिऩाय्, नऱुनॆय्यॊटु, पाल्, तयिर्!
Tune - कान्तारपञ्चमम्
(कोयिल् (चितम्परम्) तिरुमूलत्ताऩनायकर् (ऎ) चपानातर् चिवकामियम्मै)
|
4.022
तिरुनावुक्करचर्
तेवारम्
चॆञ् चटैक्कऱ्ऱै मुऱ्ऱत्तु इळनिला
Tune - कान्तारम्
(कोयिल् (चितम्परम्) तिरुमूलत्ताऩनायकर् (ऎ) चपानातर् चिवकामियम्मै)
|
4.023
तिरुनावुक्करचर्
तेवारम्
पत्तऩाय्प् पाट माट्टेऩ्; परमऩे!
Tune - कॊल्लि
(कोयिल् (चितम्परम्) तिरुमूलत्ताऩनायकर् (ऎ) चपानातर् चिवकामियम्मै)
|
4.080
तिरुनावुक्करचर्
तेवारम्
पाळै उटैक् कमुकु ओङ्कि,
Tune - तिरुविरुत्तम्
(कोयिल् (चितम्परम्) तिरुमूलत्ताऩनायकर् (ऎ) चपानातर् चिवकामियम्मै)
|
4.081
तिरुनावुक्करचर्
तेवारम्
करु नट्ट कण्टऩै, अण्टत्
Tune - तिरुविरुत्तम्
(कोयिल् (चितम्परम्) तिरुमूलत्ताऩनायकर् (ऎ) चपानातर् चिवकामियम्मै)
|
5.001
तिरुनावुक्करचर्
तेवारम्
अऩ्ऩम् पालिक्कुम् तिल्लैच् चिऱ्ऱम्पलम्
Tune - पऴन्तक्कराकम्
(कोयिल् (चितम्परम्) तिरुमूलत्ताऩनायकर् (ऎ) चपानातर् चिवकामियम्मै)
|
5.002
तिरुनावुक्करचर्
तेवारम्
पऩैक्कै मुम्मत वेऴम् उरित्तवऩ्,
Tune - तिरुक्कुऱुन्तॊकै
(कोयिल् (चितम्परम्) तिरुमूलत्ताऩनायकर् (ऎ) चपानातर् चिवकामियम्मै)
|
6.001
तिरुनावुक्करचर्
तेवारम्
अरियाऩै, अन्तणर् तम् चिन्तै
Tune - पॆरियतिरुत्ताण्टकम्
(कोयिल् (चितम्परम्) तिरुमूलत्ताऩनायकर् (ऎ) चपानातर् चिवकामियम्मै)
|
6.002
तिरुनावुक्करचर्
तेवारम्
मङ्कुल् मति तवऴुम् माट
Tune - पुक्कतिरुत्ताण्टकम्
(कोयिल् (चितम्परम्) तिरुमूलत्ताऩनायकर् (ऎ) चपानातर् चिवकामियम्मै)
|
7.090
चुन्तरमूर्त्ति चुवामिकळ्
तिरुप्पाट्टु
मटित्तु आटुम् अटिमैक्कण् अऩ्ऱिये,
Tune - कुऱिञ्चि
(कोयिल् (चितम्परम्) तिरुमूलत्ताऩनायकर् (ऎ) चपानातर् चिवकामियम्मै)
|
8.102
माणिक्क वाचकर्
तिरुवाचकम्
कीर्त्तित् तिरुवकवल् - तिल्लै मूतूर् आटिय
Tune - तॆऩ् नाटु उटैय चिवऩे, पोऱ्ऱि!
(कोयिल् (चितम्परम्) )
|
8.103
माणिक्क वाचकर्
तिरुवाचकम्
तिरुवण्टप् पकुति - अण्टप् पकुतियिऩ्
Tune - तॆऩ् नाटु उटैय चिवऩे, पोऱ्ऱि!
(कोयिल् (चितम्परम्) )
|
8.104
माणिक्क वाचकर्
तिरुवाचकम्
पोऱ्ऱित् तिरुवकवल् - नाऩ्मुकऩ् मुतला
Tune - तॆऩ् नाटु उटैय चिवऩे, पोऱ्ऱि!
(कोयिल् (चितम्परम्) )
|
8.109
माणिक्क वाचकर्
तिरुवाचकम्
तिरुप्पॊऱ् चुण्णम् - मुत्तुनल् तामम्पू
Tune - नन्तवऩत्तिल् ओर् आण्टि
(कोयिल् (चितम्परम्) )
|
8.110
माणिक्क वाचकर्
तिरुवाचकम्
तिरुक्कोत्तुम्पि - पूवेऱु कोऩुम्
Tune - पूवेऱु कोऩुम् पुरन्तरऩुम्
(कोयिल् (चितम्परम्) )
|
8.111
माणिक्क वाचकर्
तिरुवाचकम्
तिरुत्तॆळ्ळेणम् - तिरुमालुम् पऩ्ऱियाय्च्
Tune - पूवेऱु कोऩुम् पुरन्तरऩुम्
(कोयिल् (चितम्परम्) )
|
8.112
माणिक्क वाचकर्
तिरुवाचकम्
तिरुच्चाऴल् - पूचुवतुम् वॆण्णीऱु
Tune - पूवेऱु कोऩुम् पुरन्तरऩुम्
(कोयिल् (चितम्परम्) )
|
8.113
माणिक्क वाचकर्
तिरुवाचकम्
तिरुप्पूवल्लि - इणैयार् तिरुवटि
Tune - पूवेऱु कोऩुम् पुरन्तरऩुम्
(कोयिल् (चितम्परम्) )
|
8.114
माणिक्क वाचकर्
तिरुवाचकम्
तिरुउन्तियार् - वळैन्ततु विल्लु
Tune - अयिकिरि नन्तिऩि
(कोयिल् (चितम्परम्) )
|
8.115
माणिक्क वाचकर्
तिरुवाचकम्
तिरुत्तेாळ् नोक्कम् - पूत्तारुम् पॊय्कैप्
Tune - पूवेऱु कोऩुम् पुरन्तरऩुम्
(कोयिल् (चितम्परम्) )
|
8.116
माणिक्क वाचकर्
तिरुवाचकम्
तिरुप्पॊऩ्ऩूचल् - चीरार् पवळङ्काल्
Tune - तालाट्टु पाटल्
(कोयिल् (चितम्परम्) )
|
8.117
माणिक्क वाचकर्
तिरुवाचकम्
अऩ्ऩैप् पत्तु - वेत मॊऴियर्वॆण्
Tune - नन्तवऩत्तिल् ओर् आण्टि
(कोयिल् (चितम्परम्) )
|
8.118
माणिक्क वाचकर्
तिरुवाचकम्
कुयिऱ्पत्तु - कीत मिऩिय कुयिले
Tune - आटुक ऊञ्चल् आटुकवे
(कोयिल् (चितम्परम्) )
|
8.119
माणिक्क वाचकर्
तिरुवाचकम्
तिरुत्तचाङ्कम् - एरार् इळङ्किळिये
Tune - एरार् इळङ्किळिये
(कोयिल् (चितम्परम्) )
|
8.121
माणिक्क वाचकर्
तिरुवाचकम्
कोयिल् मूत्त तिरुप्पतिकम् - उटैयाळ् उऩ्तऩ्
Tune - आटुक ऊञ्चल् आटुकवे
(कोयिल् (चितम्परम्) )
|
8.122
माणिक्क वाचकर्
तिरुवाचकम्
कोयिल् तिरुप्पतिकम् - माऱिनिऩ्ऱॆऩ्ऩै
Tune - अक्षरमणमालै
(कोयिल् (चितम्परम्) )
|
8.131
माणिक्क वाचकर्
तिरुवाचकम्
कण्टपत्तु - इन्तिरिय वयमयङ्कि
Tune - पूवेऱु कोऩुम् पुरन्तरऩुम्
(कोयिल् (चितम्परम्) )
|
8.135
माणिक्क वाचकर्
तिरुवाचकम्
अच्चप्पत्तु - पुऱ्ऱिल्वाळ् अरवुम्
Tune -
(कोयिल् (चितम्परम्) )
|
8.140
माणिक्क वाचकर्
तिरुवाचकम्
कुलाप् पत्तु - ओटुङ् कवन्तियुमे
Tune - अयिकिरि नन्तिऩि
(कोयिल् (चितम्परम्) )
|
8.145
माणिक्क वाचकर्
तिरुवाचकम्
यात्तिरैप् पत्तु - पूवार् चॆऩ्ऩि
Tune - आटुक ऊञ्चल् आटुकवे
(कोयिल् (चितम्परम्) )
|
8.146
माणिक्क वाचकर्
तिरुवाचकम्
तिरुप्पटै ऎऴुच्चि - ञाऩवाळ् एन्तुम्ऐयर्
Tune -
(कोयिल् (चितम्परम्) )
|
8.149
माणिक्क वाचकर्
तिरुवाचकम्
तिरुप्पटै आट्चि - कण्कळिरण्टुम् अवऩ्कऴल्
Tune -
(कोयिल् (चितम्परम्) )
|
8.151
माणिक्क वाचकर्
तिरुवाचकम्
अच्चोप् पतिकम् - मुत्तिनॆऱि अऱियात
Tune - मुल्लैत् तीम्पाणि
(कोयिल् (चितम्परम्) )
|
8.201
माणिक्क वाचकर्
तिरुच्चिऱ्ऱम्पलक् कोवैयार्
मुतल् अतिकारम्
Tune -
(कोयिल् (चितम्परम्) )
|
8.202
माणिक्क वाचकर्
तिरुच्चिऱ्ऱम्पलक् कोवैयार्
इरण्टाम् अतिकारम्
Tune -
(कोयिल् (चितम्परम्) )
|
8.203
माणिक्क वाचकर्
तिरुच्चिऱ्ऱम्पलक् कोवैयार्
मूऩ्ऱाम् अतिकारम्
Tune -
(कोयिल् (चितम्परम्) )
|
8.204
माणिक्क वाचकर्
तिरुच्चिऱ्ऱम्पलक् कोवैयार्
नाऩ्काम् अतिकारम्
Tune -
(कोयिल् (चितम्परम्) )
|
8.205
माणिक्क वाचकर्
तिरुच्चिऱ्ऱम्पलक् कोवैयार्
ऐन्ताम् अतिकारम्
Tune -
(कोयिल् (चितम्परम्) )
|
8.206
माणिक्क वाचकर्
तिरुच्चिऱ्ऱम्पलक् कोवैयार्
आऱाम् अतिकारम्
Tune -
(कोयिल् (चितम्परम्) )
|
8.207
माणिक्क वाचकर्
तिरुच्चिऱ्ऱम्पलक् कोवैयार्
एऴाम् अतिकारम्
Tune -
(कोयिल् (चितम्परम्) )
|
8.208
माणिक्क वाचकर्
तिरुच्चिऱ्ऱम्पलक् कोवैयार्
ऎट्टाम् अतिकारम्
Tune -
(कोयिल् (चितम्परम्) )
|
8.209
माणिक्क वाचकर्
तिरुच्चिऱ्ऱम्पलक् कोवैयार्
ऒऩ्पताम् अतिकारम्
Tune -
(कोयिल् (चितम्परम्) )
|
8.210
माणिक्क वाचकर्
तिरुच्चिऱ्ऱम्पलक् कोवैयार्
पत्ताम् अतिकारम्
Tune -
(कोयिल् (चितम्परम्) )
|
8.211
माणिक्क वाचकर्
तिरुच्चिऱ्ऱम्पलक् कोवैयार्
पतिऩॊऩ्ऱाम् अतिकारम्
Tune -
(कोयिल् (चितम्परम्) )
|
8.212
माणिक्क वाचकर्
तिरुच्चिऱ्ऱम्पलक् कोवैयार्
पऩ्ऩिरण्टाम् अतिकारम्
Tune -
(कोयिल् (चितम्परम्) )
|
8.213
माणिक्क वाचकर्
तिरुच्चिऱ्ऱम्पलक् कोवैयार्
पतिऩ्मूऩ्ऱाम् अतिकारम्
Tune -
(कोयिल् (चितम्परम्) )
|
8.214
माणिक्क वाचकर्
तिरुच्चिऱ्ऱम्पलक् कोवैयार्
पतिऩॆऩ्काम् अतिकारम्
Tune -
(कोयिल् (चितम्परम्) )
|
8.215
माणिक्क वाचकर्
तिरुच्चिऱ्ऱम्पलक् कोवैयार्
पतिऩैन्ताम् अतिकारम्
Tune -
(कोयिल् (चितम्परम्) )
|
8.216
माणिक्क वाचकर्
तिरुच्चिऱ्ऱम्पलक् कोवैयार्
पतिऩाऱाम् अतिकारम्
Tune -
(कोयिल् (चितम्परम्) )
|
8.217
माणिक्क वाचकर्
तिरुच्चिऱ्ऱम्पलक् कोवैयार्
पतिऩेऴाम् अतिकारम्
Tune -
(कोयिल् (चितम्परम्) )
|
8.218
माणिक्क वाचकर्
तिरुच्चिऱ्ऱम्पलक् कोवैयार्
पतिऩॆट्टाम् अतिकारम्
Tune -
(कोयिल् (चितम्परम्) )
|
8.219
माणिक्क वाचकर्
तिरुच्चिऱ्ऱम्पलक् कोवैयार्
पत्तॊऩ्पताम् अतिकारम्
Tune -
(कोयिल् (चितम्परम्) )
|
8.220
माणिक्क वाचकर्
तिरुच्चिऱ्ऱम्पलक् कोवैयार्
इरुपताम् अतिकारम्
Tune -
(कोयिल् (चितम्परम्) )
|
8.221
माणिक्क वाचकर्
तिरुच्चिऱ्ऱम्पलक् कोवैयार्
इरुपत्तॊऩ्ऱाम् अतिकारम्
Tune -
(कोयिल् (चितम्परम्) )
|
8.222
माणिक्क वाचकर्
तिरुच्चिऱ्ऱम्पलक् कोवैयार्
इरुपत्तिरण्टाम् अतिकारम्
Tune -
(कोयिल् (चितम्परम्) )
|
8.223
माणिक्क वाचकर्
तिरुच्चिऱ्ऱम्पलक् कोवैयार्
इरुपत्तिमूऩ्ऱाम् अतिकारम्
Tune -
(कोयिल् (चितम्परम्) )
|
8.224
माणिक्क वाचकर्
तिरुच्चिऱ्ऱम्पलक् कोवैयार्
इरुपत्तिनाऩ्काम् अतिकारम्
Tune -
(कोयिल् (चितम्परम्) )
|
8.225
माणिक्क वाचकर्
तिरुच्चिऱ्ऱम्पलक् कोवैयार्
इरुपत्तैन्ताम् अतिकारम्
Tune -
(कोयिल् (चितम्परम्) )
|
9.001
तिरुमाळिकैत् तेवर्
तिरुविचैप्पा
तिरुमाळिकैत् तेवर् - कोयिल् - ऒळिवळर् विळक्के
Tune -
(कोयिल् (चितम्परम्) )
|
9.002
तिरुमाळिकैत् तेवर्
तिरुविचैप्पा
तिरुमाळिकैत् तेवर् - कोयिल् - उयर्कॊटि याटै
Tune -
(कोयिल् (चितम्परम्) )
|
9.003
तिरुमाळिकैत् तेवर्
तिरुविचैप्पा
तिरुमाळिकैत् तेवर् - कोयिल् - उऱवाकिय योकम्
Tune -
(कोयिल् (चितम्परम्) )
|
9.004
तिरुमाळिकैत् तेवर्
तिरुविचैप्पा
तिरुमाळिकैत् तेवर् - कोयिल् - इणङ्किला ईचऩ्
Tune -
(कोयिल् (चितम्परम्) )
|
9.008
करुवूर्त् तेवर्
तिरुविचैप्पा
करुवूर्त् तेवर् - कोयिल्
Tune -
(कोयिल् (चितम्परम्) )
|
9.019
पून्तुरुत्ति नम्पि काटनम्पि
तिरुविचैप्पा
पून्तुरुत्ति नम्पि काटनम्पि - कोयिल्
Tune -
(कोयिल् (चितम्परम्) )
|
9.020
कण्टरातित्तर्
तिरुविचैप्पा
कण्टरातित्तर् - कोयिल्
Tune -
(कोयिल् (चितम्परम्) )
|
9.021
वेणाट्टटिकळ्
तिरुविचैप्पा
वेणाट्टटिकळ् - कोयिल्
Tune -
(कोयिल् (चितम्परम्) )
|
9.022
तिरुवालियमुतऩार्
तिरुविचैप्पा
तिरुवालियमुतऩार् - कोयिल्
Tune -
(कोयिल् (चितम्परम्) )
|
9.023
तिरुवालियमुतऩार्
तिरुविचैप्पा
तिरुवालियमुतऩार् - कोयिल्
Tune -
(कोयिल् (चितम्परम्) )
|
9.024
तिरुवालियमुतऩार्
तिरुविचैप्पा
तिरुवालियमुतऩार् - कोयिल्
Tune -
(कोयिल् (चितम्परम्) )
|
9.025
तिरुवालियमुतऩार्
तिरुविचैप्पा
तिरुवालियमुतऩार् - कोयिल्
Tune -
(कोयिल् (चितम्परम्) )
|
9.026
पुरुटोत्तम नम्पि
तिरुविचैप्पा
पुरुटोत्तम नम्पि - कोयिल्
Tune -
(कोयिल् (चितम्परम्) )
|
9.027
पुरुटोत्तम नम्पि
तिरुविचैप्पा
पुरुटोत्तम नम्पि - कोयिल्
Tune -
(कोयिल् (चितम्परम्) )
|
9.028
चेतिरायर्
तिरुविचैप्पा
चेतिरायर् - कोयिल्
Tune -
(कोयिल् (चितम्परम्) )
|
9.029
चेन्तऩार्
तिरुप्पल्लाण्टु
चेन्तऩार् - कोयिल्
Tune -
(कोयिल् (चितम्परम्) )
|
11.006
चेरमाऩ् पॆरुमाळ् नायऩार्
पॊऩ्वण्णत्तन्ताति
पॊऩ्वण्णत्तन्ताति
Tune -
(कोयिल् (चितम्परम्) )
|
11.026
पट्टिऩत्तुप् पिळ्ळैयार्
कोयिल् नाऩ्मणिमालै
कोयिल् नाऩ्मणिमालै
Tune -
(कोयिल् (चितम्परम्) )
|
11.032
नम्पियाण्टार् नम्पि
कोयिल् तिरुप्पण्णियर् विरुत्तम्
कोयिल् तिरुप्पण्णियर् विरुत्तम्
Tune -
(कोयिल् (चितम्परम्) )
|