अमलऩ् आतिपिराऩ् अटियार्क्कु ऎऩ्ऩै आट्पटुत्त विमलऩ् विण्णवर्कोऩ् विरैयार् पॊऴिल् वेङ्कटवऩ् निमलऩ् निऩ्मलऩ् नीति वाऩवऩ् नीळ् मतिल् अरङ्कत्तु अम्माऩ् तिरुक् कमल पातम् वन्तु ऎऩ् कण्णिऩ् उळ्ळऩ ऒक्किऩ्ऱते
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[927.0] |
उवन्त उळ्ळत्तऩाय् उलकम् अळन्तु अण्टम् उऱ निवन्त नीळ् मुटियऩ् अऩ्ऱु नेर्न्त निचाचररैक् कवर्न्त वॆङ्कणैक् काकुत्तऩ् कटियार् पॊऴिल् अरङ्कत्तु अम्माऩ् अरैच् चिवन्त आटैयिऩ् मेल् चॆऩ्ऱतु आम् ऎऩ चिन्तऩैये
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[928.0] |
मन्ति पाय् वट वेङ्कट मा मलै वाऩवर्कळ् चन्ति चॆय्य निऩ्ऱाऩ् अरङ्कत्तु अरविऩ् अणैयाऩ् अन्ति पोल् निऱत्तु आटैयुम् अतऩ् मेल् अयऩैप् पटैत्ततु ओर् ऎऴिल् उन्ति मेलतु अऩ्ऱो अटियेऩ् उळ्ळत्तु इऩ्ऩुयिरे
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[929.0] |
चतुर मा मतिल् चूऴ् इलङ्कैक्कु इऱैवऩ् तलै पत्तु उतिर ओट्टि ओर् वॆङ्कणै उय्त्तवऩ् ओतवण्णऩ् मतुर मा वण्टु पाट मा मयिल् आटु अरङ्कत्तु अम्माऩ् तिरु वयिऱ्ऱु उतर पन्तम् ऎऩ् उळ्ळत्तुळ् निऩ्ऱु उलाकिऩ्ऱते
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[930.0] |
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पारम् आय पऴविऩै पऱ्ऱु अऱुत्तु ऎऩ्ऩैत् तऩ् वारम् आक्कि वैत्ताऩ् वैत्ततु अऩ्ऱि ऎऩ् उळ् पुकुन्ताऩ् कोर मातवम् चॆय्तऩऩ् कॊल्? अऱियेऩ् अरङ्कत्तु अम्माऩ् तिरु आर मार्वु अतु अऩ्ऱो अटियेऩै आट्कॊण्टते
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[931.0] |
तुण्ट वॆण् पिऱैयऩ् तुयर् तीर्त्तवऩ् अञ्चिऱैय- वण्टु वाऴ् पॊऴिल् चूऴ् अरङ्क नकर् मेय अप्पऩ् अण्टरण्ट पकिरण्टत्तु ऒरु मा निलम् ऎऴु माल् वरै मुऱ्ऱुम् उण्ट कण्टम् कण्टीर् अटियेऩै उयक् कॊण्टते
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[932.0] |
कैयिऩ् आर् चुरि चङ्कु अऩ लाऴियर् नीळ् वरैपोल् मॆय्यऩार् तुळप विरैयार् कमऴ् नीळ् मुटि ऎम् ऐयऩार् अणि अरङ्कऩार् अर विऩ् अणैमिचै मेय मायऩार् चॆय्य वाय् ऐयो ऎऩ्ऩैच् चिन्तै कवर्न्ततुवे
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[933.0] |
परियऩ् आकि वन्त अवुणऩ् उटल् कीण्ट अमरर्क्कु अरिय आतिप्पिराऩ् अरङ्कत्तु अमलऩ् मुकत्तुक् करिय आकिप् पुटै परन्तु मिळिर्न्तु चॆव्वरि ओटि नीण्ट अप् पॆरिय आय कण्कळ् ऎऩ्ऩैप् पेतैमै चॆय्तऩवे
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[934.0] |
आल मा मरत्तिऩ् इलैमेल् ऒरु पालकऩाय् ञालम् एऴुम् उण्टाऩ् अरङ्कत्तु अरविऩ् अणैयाऩ् कोल मा मणि-आरमुम् मुत्तुत् ताममुम् मुटिवु इल्लतु ओर् ऎऴिल् नील मेऩि ऐयो निऱैकॊण्टतु ऎऩ् नॆञ्चिऩैये
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[935.0] |
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कॊण्टल्वण्णऩैक् कोवलऩाय् वॆण्णॆय् उण्ट वायऩ् ऎऩ् उळ्ळम् कवर्न्ताऩै अण्टर्कोऩ् अणि-अरङ्कऩ् ऎऩ् अमुतिऩैक् कण्ट कण्कळ् मऱ्ऱु ऒऩ्ऱिऩैक् काणावे
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[936.0] |